





हमारी प्रमुख योजनाएँ /OUR PROJECTS

संजीवनी सेवा वृद्ध आश्रम
सम्मानित जीवन • स्नेहपूर्ण साथ • सुरक्षित देखभाल
वरिष्ठ नागरिकों को सम्मान, अपनापन और सहयोगपूर्ण वातावरण देने की पहल। सुरक्षित आश्रय, दैनिक देखभाल, संतुलित भोजन और सामाजिक जुड़ाव की दिशा में समर्पित परियोजना।
पूरी जानकारी पढ़ें | Read More +
जीवन की संध्या में सम्मान और अपनापन
जिन हाथों ने परिवार और समाज को सँवारा, उन्हें बढ़ती उम्र में सम्मान, सुरक्षा और साथ मिलना चाहिए। संजीवनी सेवा वृद्ध आश्रम की परिकल्पना ऐसा सहयोगपूर्ण वातावरण विकसित करना है, जहाँ वरिष्ठ नागरिक स्वयं को अकेला या उपेक्षित महसूस करने के बजाय परिवार जैसे अपनत्व से जुड़ सकें।
परियोजना का केंद्र केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि व्यक्ति की गरिमा, पसंद, दिनचर्या और भावनात्मक आवश्यकताओं का सम्मान है। परिवार, स्वयंसेवक और स्थानीय समाज मिलकर वरिष्ठजनों के जीवन में सकारात्मक योगदान दे सकते हैं।
प्रस्तावित सहयोग एवं सुविधाएँ
- स्वच्छ, सुलभ और सम्मानपूर्ण आवास की व्यवस्था विकसित करना।
- स्थानीय संचालन व्यवस्था के अनुसार संतुलित भोजन, स्वच्छता और दैनिक सहायता।
- स्वास्थ्य आवश्यकताओं की पहचान तथा उपयुक्त स्वास्थ्य सेवाओं से संपर्क में सहयोग।
- संवाद, पठन, मनोरंजन और रुचि के अनुरूप सामूहिक गतिविधियाँ।
- क्षमता एवं इच्छा के अनुसार हल्की गतिविधियों और सामाजिक सहभागिता को प्रोत्साहन।
- वरिष्ठ नागरिक की सहमति और परिस्थितियों के अनुसार परिवार से संपर्क बनाए रखने में सहयोग।
किसके लिए यह पहल है?
ऐसे वरिष्ठ नागरिक जिनके लिए अकेलापन, सीमित पारिवारिक सहयोग या दैनिक देखभाल की आवश्यकता महत्वपूर्ण चुनौती है। किसी भी प्रवेश या सहायता का निर्णय व्यक्ति की आवश्यकता, सहमति, उपलब्ध क्षमता और संस्था की स्वीकृत प्रक्रिया के आधार पर होगा।
समाज कैसे साथ दे सकता है?
स्वयंसेवक समय देकर संवाद और गतिविधियों में सहयोग कर सकते हैं। सामाजिक संस्थाएँ, स्थानीय सहयोगी और दानदाता आवश्यकता के अनुरूप भोजन, उपयोगी सामग्री या स्वेच्छिक दान राशि से सहयोग कर सकते हैं। सहायता की आवश्यकता और उपयोग का रिकॉर्ड रखना इस पहल का महत्वपूर्ण भाग है।
परियोजना से जुड़ने की प्रक्रिया
- वरिष्ठ नागरिक की आवश्यकता अथवा सहयोग के प्रस्ताव का संक्षिप्त विवरण संस्था तक पहुँचाएँ।
- संबंधित केंद्र की उपलब्धता, सुविधाओं, दस्तावेजों और संचालन शर्तों की जानकारी प्राप्त करें।
- सहमति तथा आवश्यक समीक्षा के बाद आगे की व्यवस्था तय की जाए।
हमारा संकल्प
हर वरिष्ठ नागरिक को सम्मान मिले, उसकी बात सुनी जाए और जीवन की संध्या में स्नेहपूर्ण साथ उपलब्ध हो।
केंद्र का स्थान, संचालन की स्थिति, प्रवेश, स्वास्थ्य सहायता और सुविधाओं की उपलब्धता संबंधित केंद्र की लिखित जानकारी से स्पष्ट होगी। पोस्टर परियोजना का रचनात्मक दृश्यांकन है; इसे किसी संचालित भवन या वर्तमान उपलब्ध सेवा का प्रमाण न माना जाए।

संजीवनी बाल आश्रय गृह
सुरक्षित बचपन • शिक्षा का साथ • उज्ज्वल भविष्य
देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के लिए सुरक्षित, स्नेहपूर्ण और विकासोन्मुख वातावरण की पहल। शिक्षा, पोषण और भावनात्मक सहयोग को केंद्र में रखने वाली परियोजना।
पूरी जानकारी पढ़ें | Read More +
हर बच्चे को अवसर और अपनापन
हर बच्चा ऐसा वातावरण पाने का हकदार है जहाँ उसकी सुरक्षा, शिक्षा, पोषण और भावनात्मक आवश्यकताओं को समझा जाए। संजीवनी बाल आश्रय गृह की परिकल्पना देखभाल एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहयोग करना है।
हमारी सोच बच्चे की गरिमा और उसके सर्वोत्तम हित को केंद्र में रखती है। सहयोग का उद्देश्य केवल तात्कालिक सहायता नहीं, बल्कि सीखने, आत्मविश्वास बढ़ाने और जिम्मेदार भविष्य की दिशा में निरंतर साथ देना है।
प्रस्तावित कार्यक्षेत्र
- सुरक्षित, स्वच्छ और बाल-अनुकूल वातावरण की व्यवस्था विकसित करना।
- शिक्षा तक पहुँच, अध्ययन में सहयोग और सीखने की रुचि बढ़ाना।
- संतुलित पोषण, व्यक्तिगत स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं से संपर्क में सहयोग।
- खेल, कला, पठन और रचनात्मक गतिविधियों के अवसर।
- आत्मविश्वास, संवाद और जीवन-कौशल के विकास को प्रोत्साहन।
- आवश्यकतानुसार प्रशिक्षित विशेषज्ञों से भावनात्मक सहायता का समन्वय।
बच्चों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता
बच्चों के प्रवेश, संरक्षण, परिवार से संबंधित निर्णय और पुनर्वास का कार्य संबंधित सक्षम प्राधिकारियों की प्रक्रिया तथा संस्था की अनुमत संचालन व्यवस्था के अनुसार किया जाएगा। किसी बच्चे को वेबसाइट के माध्यम से सीधे छोड़ना, सौंपना या गोद लेने की व्यवस्था इस परियोजना का हिस्सा नहीं है।
बच्चों की पहचान, तस्वीर और निजी परिस्थितियों का उपयोग सम्मान तथा गोपनीयता का ध्यान रखते हुए किया जाना चाहिए। स्वयंसेवकों और सहयोगियों की सहभागिता निर्धारित अनुमति एवं पर्यवेक्षण के अनुसार होगी।
आपका सहयोग कैसे उपयोगी हो सकता है?
पुस्तकें, स्टेशनरी, शैक्षणिक सामग्री, पोषण-सहयोग और निर्धारित गतिविधियों के लिए समय देना उपयोगी योगदान हो सकता है। संस्था की वास्तविक आवश्यकता की पुष्टि करके सामग्री अथवा स्वेच्छिक दान राशि उपलब्ध कराई जा सकती है।
परियोजना से जुड़ने की प्रक्रिया
- सहयोग का उद्देश्य और उपलब्ध संसाधन संस्था को बताएँ।
- स्वीकृत आवश्यकता तथा सहभागिता की शर्तें समझें।
- निर्धारित समन्वय और अभिलेख के साथ सहयोग उपलब्ध कराएँ।
हमारा संकल्प
हर बच्चे की पहचान उसके सपनों, सीखने की क्षमता और संभावनाओं से हो—उसकी कठिन परिस्थितियों से नहीं।
परियोजना की संचालन स्थिति, स्थान, स्वीकृतियाँ और उपलब्ध सेवाएँ संस्था की लिखित जानकारी के अनुसार होंगी। पोस्टर में दिखाए बच्चे और भवन रचनात्मक दृश्यांकन हैं।

संजीवनी गौसेवा धाम
गौ संरक्षण • संवेदनशील सेवा • प्रकृति का सम्मान
जरूरतमंद गौवंश की देखभाल, चारा-पानी, स्वच्छ आश्रय और पशु-स्वास्थ्य सहायता के लिए सामुदायिक सहयोग की पहल। गौसेवा को पर्यावरण और जिम्मेदार संसाधन उपयोग से जोड़ने वाली परियोजना।
पूरी जानकारी पढ़ें | Read More +
सेवा, संवेदना और जिम्मेदारी
गौसेवा का अर्थ नियमित देखभाल, पर्याप्त चारा-पानी, स्वच्छ वातावरण और आवश्यकता होने पर पशु-चिकित्सा सहायता से है। संजीवनी गौसेवा धाम की परिकल्पना जरूरतमंद गौवंश के लिए ऐसी जिम्मेदार सेवा व्यवस्था विकसित करना है, जिसमें समाज की भागीदारी निरंतर बनी रहे।
इस पहल में पशु कल्याण के साथ स्वच्छता, पर्यावरण और उपलब्ध संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग पर ध्यान दिया जाएगा।
प्रस्तावित सेवा क्षेत्र
- जरूरत और उपलब्ध क्षमता के अनुसार आश्रय तथा देखभाल का समन्वय।
- पौष्टिक चारे और स्वच्छ पेयजल के लिए सहयोग जुटाना।
- योग्य पशु-चिकित्सकों से स्वास्थ्य जाँच और आवश्यक उपचार का समन्वय।
- आश्रय की सफाई, जल निकासी और पशु-अनुकूल वातावरण।
- सेवा आवश्यकताओं तथा प्राप्त सहयोग का व्यवस्थित रिकॉर्ड।
- गोबर आधारित कंपोस्ट और अन्य उपयोगी संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग को प्रोत्साहन।
गौसेवा और पर्यावरण
उचित प्रबंधन के साथ गोबर आधारित कंपोस्ट, स्वच्छता और जैविक संसाधनों का उपयोग स्थानीय खेती एवं हरित गतिविधियों के लिए उपयोगी हो सकता है। ऐसे कार्य स्थानीय आवश्यकता, तकनीकी मार्गदर्शन और संचालन क्षमता के अनुसार विकसित किए जाएँगे।
सहयोग के अवसर
व्यक्ति, परिवार, व्यापारी और सामाजिक संस्थाएँ चारा, पानी की व्यवस्था, सफाई सामग्री, पशु-स्वास्थ्य सहायता अथवा स्वेच्छिक दान राशि के माध्यम से सहयोग कर सकते हैं। सामग्री भेजने से पहले वर्तमान आवश्यकता और स्वीकार करने की व्यवस्था की पुष्टि करना उपयोगी रहेगा।
स्वयंसेवी सेवा पशुओं की सुरक्षा, प्रशिक्षित कर्मचारियों के निर्देश और केंद्र की अनुमति के अनुसार की जाएगी।
परियोजना से जुड़ने की प्रक्रिया
- सेवा अथवा सहयोग का प्रस्ताव संस्था को बताएँ।
- संबंधित केंद्र की वर्तमान आवश्यकता और उपलब्ध व्यवस्था जानें।
- समन्वय के बाद सहयोग दें और उसकी प्राप्ति का अभिलेख रखें।
हमारा संकल्प
गौवंश के प्रति संवेदना को नियमित सेवा में बदलना और समाज को जिम्मेदार गौ संरक्षण से जोड़ना।
पशु स्वीकार करने, परिवहन, उपचार और आश्रय की व्यवस्था स्थानीय नियमों, केंद्र की क्षमता तथा उपलब्ध विशेषज्ञ सहायता के अनुसार होगी। पोस्टर परियोजना का रचनात्मक दृश्यांकन है।

संजीवनी जैविक कृषि अभियान
स्वस्थ मिट्टी • सुरक्षित भोजन • समृद्ध किसान
मिट्टी की देखभाल, जैविक संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग, पौधशाला और खेती से जुड़े व्यावहारिक कौशल को बढ़ावा देने की पहल। किसानों, महिलाओं और युवाओं को स्थानीय हरित अवसरों से जोड़ने का प्रयास।
पूरी जानकारी पढ़ें | Read More +
मिट्टी से समृद्धि की दिशा में
खेती और पर्यावरण का संबंध गहरा है। मिट्टी की दशा, पानी का उपयोग और स्थानीय संसाधनों की समझ किसान के निर्णयों को बेहतर बना सकती है। संजीवनी जैविक कृषि अभियान का उद्देश्य इन विषयों पर व्यावहारिक जागरूकता और सीखने के अवसर विकसित करना है।
अभियान किसानों, महिला समूहों और युवाओं की भागीदारी के साथ स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप प्रशिक्षण, प्रदर्शन और अनुभव-साझाकरण को प्रोत्साहित करेगा।
प्रमुख गतिविधियों की रूपरेखा
- मिट्टी की दशा समझने और आवश्यकता अनुसार विशेषज्ञ मार्गदर्शन लेने के प्रति जागरूकता।
- कंपोस्ट, केंचुआ खाद और कृषि-अवशेषों के जिम्मेदार उपयोग की जानकारी।
- पौध तैयार करने, नर्सरी प्रबंधन और स्थानीय पौधों की देखभाल से जुड़ा प्रशिक्षण।
- रसोई बागवानी, सामुदायिक पौधारोपण और हरित गतिविधियों को प्रोत्साहन।
- जल बचत, स्वच्छता और खेत के संसाधनों के बेहतर प्रबंधन पर संवाद।
- लागत, उत्पादन और बिक्री का रिकॉर्ड रखने जैसे बुनियादी उद्यमिता कौशल।
कौन जुड़ सकता है?
किसान, खेती सीखने के इच्छुक युवा, महिला समूह, सामाजिक संस्थाएँ और स्थानीय नर्सरी से जुड़े व्यक्ति अभियान में रुचि व्यक्त कर सकते हैं। प्रशिक्षण के विषय, स्थान, बैच और सहभागिता की व्यवस्था स्थानीय माँग तथा उपलब्ध प्रशिक्षकों के अनुसार तय होगी।
स्थानीय अवसरों की पहचान
पौधशाला, कंपोस्ट निर्माण, बागवानी और कृषि आधारित छोटे कार्य स्थानीय परिस्थितियों में उपयोगी अवसर बन सकते हैं। किसी कार्य की शुरुआत से पहले स्थान, पानी, लागत, तकनीकी आवश्यकता और संभावित खरीदारों का आकलन जरूरी है। अभियान ऐसे निर्णयों के लिए जानकारी और संवाद का मंच विकसित करने का प्रयास करेगा।
जुड़ने की प्रक्रिया
- अपने क्षेत्र और रुचि के विषय की जानकारी संस्था को दें।
- उपलब्ध प्रशिक्षण अथवा गतिविधि की रूपरेखा प्राप्त करें।
- स्थानीय योजना के अनुसार भाग लें और सीख को छोटे स्तर पर समझकर लागू करें।
हमारा संकल्प
जागरूक किसान, जिम्मेदार खेती और हरित समुदाय के लिए ज्ञान, कौशल और सहयोग को साथ लाना।
प्रशिक्षण, पौध या संसाधन सहायता की उपलब्धता स्वीकृत कार्यक्रम के अनुसार होगी। अभियान किसी उत्पाद को स्वतः प्रमाणित जैविक घोषित नहीं करता और निश्चित उपज, आय या बाजार की गारंटी नहीं देता।

₹2 करोड़ संस्था सहायता प्रोजेक्ट
सशक्त संस्थाएँ • सक्षम समुदाय • सतत सामाजिक विकास
जमीनी स्तर पर काम करने वाली सामाजिक संस्थाओं के लिए परियोजना आधारित सहयोग की पहल। शिक्षा, कौशल, स्वास्थ्य, पर्यावरण और सामुदायिक विकास के प्रस्तावों को व्यवस्थित रूप देने की दिशा में प्रयास।
पूरी जानकारी पढ़ें | Read More +
संस्थाओं की क्षमता से समाज की प्रगति
समाज में अनेक संस्थाएँ स्थानीय जरूरतों को समझती हैं और जनसेवा के लिए काम करना चाहती हैं। संसाधन, स्पष्ट कार्ययोजना और संचालन व्यवस्था का अभाव अक्सर उनके प्रयासों को सीमित कर देता है। ₹2 करोड़ संस्था सहायता प्रोजेक्ट की परिकल्पना ऐसी संस्थाओं के साथ सुव्यवस्थित परियोजना सहयोग की संभावनाएँ विकसित करना है।
उद्देश्य यह है कि सामाजिक कार्य केवल घोषणा तक सीमित न रहे, बल्कि आवश्यकता, बजट, जिम्मेदारी और परिणाम की स्पष्ट योजना के साथ आगे बढ़े।
सहयोग के संभावित क्षेत्र
- शिक्षा, डिजिटल साक्षरता और कौशल विकास।
- महिला एवं बाल सशक्तिकरण।
- वरिष्ठजन और जरूरतमंद समुदायों के लिए सामाजिक सहयोग।
- स्वास्थ्य जागरूकता, पोषण और स्वच्छता।
- पर्यावरण, जैविक कृषि और हरित गतिविधियाँ।
- ग्रामीण एवं सामुदायिक विकास की स्थानीय परियोजनाएँ।
संस्था अपना प्रस्ताव कैसे तैयार करे?
संस्था अपने कार्यक्षेत्र, अनुभव और स्थानीय आवश्यकता का संक्षिप्त विवरण तैयार करे। प्रस्ताव में किस समस्या पर काम होगा, किन लोगों तक लाभ पहुँचेगा, कार्य कहाँ और कैसे होगा तथा उसके लिए कौन-से संसाधन चाहिए—यह स्पष्ट होना चाहिए।
प्रस्ताव के साथ उपयोगी जानकारी
- संस्था का परिचय, पंजीकरण संबंधी जानकारी और अधिकृत संपर्क।
- अब तक के कार्यों का संक्षिप्त विवरण तथा उपलब्ध प्रमाण।
- प्रस्तावित गतिविधियाँ, लक्षित क्षेत्र और अपेक्षित सामाजिक परिणाम।
- मदवार अनुमानित बजट और संस्था के अपने उपलब्ध संसाधन।
- स्थान, संचालन टीम और परियोजना चलाने की क्षमता।
- प्रगति रिपोर्ट, खर्च और परिणाम का रिकॉर्ड रखने की योजना।
समीक्षा और आगे की प्रक्रिया
- संस्था अपना परिचय और परियोजना प्रस्ताव प्रस्तुत करे।
- दस्तावेज, आवश्यकता, बजट और संचालन क्षमता की समीक्षा की जाए।
- जहाँ आवश्यक हो, अतिरिक्त जानकारी या परियोजना में सुधार माँगा जाए।
- स्वीकृति मिलने पर सहयोग का स्वरूप, राशि या मूल्य, चरण, अवधि और जिम्मेदारियाँ लिखित रूप में तय हों।
- स्वीकृत शर्तों के अनुसार काम, अभिलेख और प्रगति समीक्षा की व्यवस्था बने।
₹2 करोड़ संबंधी स्पष्ट जानकारी
₹2 करोड़ इस परियोजना के नाम में उल्लिखित सहायता संदर्भ है। इसे प्रत्येक आवेदनकर्ता के लिए स्वीकृत नकद भुगतान या स्वतः उपलब्ध अनुदान न समझें। वास्तविक सहायता की राशि, संसाधन अथवा अन्य स्वरूप, पात्रता, उपलब्ध निधि और निर्णय संबंधित लिखित योजना एवं स्वीकृति से ही स्पष्ट होंगे। आवेदन या रुचि व्यक्त करना सहायता की स्वीकृति नहीं है।
हमारा संकल्प
स्थानीय अनुभव और जनसेवा की भावना रखने वाली संस्थाओं को स्पष्ट योजना, जिम्मेदार संचालन और प्रभावी सामाजिक कार्य की दिशा में जोड़ना।
सहायता की पात्रता, स्वरूप, राशि, उपलब्धता और अन्य शर्तें संबंधित आधिकारिक योजना तथा लिखित स्वीकृति के अनुसार होंगी। पोस्टर एक रचनात्मक दृश्यांकन है।
"संजीवनी सिलाई एवं कौशल विकास केंद्र"
"महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्थानीय स्तर पर निःशुल्क प्रशिक्षण केंद्र।"
पूरी जानकारी पढ़ें | Read More ▼
संजीवनी सिलाई एवं कौशल विकास केंद्र
आत्मनिर्भर महिला • कुशल युवा • सशक्त समाज
निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण | स्वरोजगार के अवसर | महिला सशक्तिकरण
एक नई पहल — हर महिला बने आत्मनिर्भर
संजीवनी का संकल्प है कि आर्थिक परिस्थितियों, संसाधनों की कमी अथवा प्रशिक्षण सुविधाओं के अभाव में किसी भी महिला या युवा की प्रतिभा अधूरी न रह जाए।
इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए संजीवनी सुगुण योजना के अंतर्गत सिलाई एवं कौशल विकास केंद्रों की स्थापना की व्यवस्था की गई है। इन केंद्रों का मुख्य उद्देश्य महिलाओं एवं युवाओं को आधुनिक, व्यावहारिक और रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना है।
₹10,000 से ₹2,00,000 तक के प्रशिक्षण — बिल्कुल निःशुल्क
इस अभियान की विशेषता यह है कि चयनित प्रशिक्षण कार्यक्रमों का निर्धारित प्रशिक्षण मूल्य ₹10,000 से लेकर ₹2,00,000 तक हो सकता है, लेकिन पात्र लाभार्थियों को ये प्रशिक्षण बिना प्रशिक्षण शुल्क के उपलब्ध कराए जाने का प्रावधान है।
हमारा उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि महिलाओं को ऐसा कौशल प्रदान करना है जिससे वे अपने घर से स्वरोजगार शुरू कर सकें, स्थानीय रोजगार प्राप्त कर सकें अथवा भविष्य में अपना व्यवसाय स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ सकें।
आपके क्षेत्र में संजीवनी कौशल विकास केंद्र कैसे स्थापित होगा?
संजीवनी सुगुण योजना के अंतर्गत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में महिला जागरूकता अभियान संचालित किए जाने की व्यवस्था है।
केंद्र स्थापना का प्रमुख आधार — 500 से अधिक जागरूक महिलाएँ।
जिस गाँव, कस्बे, पंचायत, वार्ड अथवा क्षेत्र में जागरूकता अभियान के माध्यम से 500 से अधिक महिलाएँ योजना की जानकारी प्राप्त कर लेती हैं, उस क्षेत्र को संजीवनी सिलाई एवं कौशल विकास केंद्र की स्थापना के लिए प्राथमिकता दी जाती है।
इसके बाद उपलब्ध संसाधनों, प्रशिक्षकों, स्थान, प्रशिक्षण की माँग तथा आवश्यक व्यवस्थाओं का मूल्यांकन करके केंद्र स्थापित किया जाता है।
इन केंद्रों की परिकल्पना केवल कुछ दिनों के प्रशिक्षण शिविर के रूप में नहीं, बल्कि नियमित रूप से संचालित होने वाले स्थायी कौशल विकास केंद्रों के रूप में की गई है, जहाँ अलग-अलग बैचों के माध्यम से महिलाओं एवं युवाओं को प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा सके।
हमारे 15 प्रमुख कौशल विकास एवं स्वरोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रम
1. सिलाई एवं फैशन डिजाइनिंग — वस्त्र सिलाई, कटिंग, डिजाइनिंग और बुटीक संचालन।
2. हैंडीक्राफ्ट एवं आर्ट एंड क्राफ्ट — सजावटी वस्तुएँ, हस्तनिर्मित उत्पाद एवं कलात्मक कार्य।
3. कंप्यूटर एवं डिजिटल शिक्षा — कंप्यूटर संचालन, डिजिटल साक्षरता और कार्यालय संबंधी कार्य।
4. ब्यूटी पार्लर एवं पर्सनल केयर — सौंदर्य सेवाएँ, मेकअप और ब्यूटी व्यवसाय का प्रशिक्षण।
5. खाद्य प्रसंस्करण एवं पाक कला — खाद्य उत्पाद तैयार करना, पैकेजिंग और घरेलू खाद्य व्यवसाय।
6. घरेलू उत्पाद निर्माण — दैनिक उपयोग के विभिन्न उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण।
7. अगरबत्ती, मोमबत्ती एवं घरेलू उत्पाद — कम संसाधनों में लघु उत्पादन कार्य शुरू करने का प्रशिक्षण।
8. कढ़ाई एवं हस्तशिल्प कार्य — पारंपरिक एवं आधुनिक कढ़ाई तथा सजावटी वस्त्र निर्माण।
9. जैविक खेती एवं नर्सरी प्रबंधन — जैविक कृषि, पौध उत्पादन और नर्सरी संचालन।
10. ऑनलाइन कार्य एवं ई-कॉमर्स — डिजिटल माध्यमों से उत्पाद विपणन और ऑनलाइन व्यवसाय।
11. रेडीमेड परिधान निर्माण — वस्त्र निर्माण, डिजाइन, उत्पादन एवं गुणवत्ता संबंधी प्रशिक्षण।
12. जूट एवं पुनर्चक्रण उत्पाद निर्माण — पर्यावरण-अनुकूल बैग और उपयोगी वस्तुओं का निर्माण।
13. इलेक्ट्रॉनिक्स रिपेयरिंग एवं मोबाइल सर्विसिंग — बुनियादी तकनीकी मरम्मत और सेवा कौशल।
14. डेयरी उत्पादन एवं पशुपालन आधारित कार्य — दुग्ध उत्पादन, पशुपालन और संबंधित स्वरोजगार।
15. उद्यमिता विकास एवं व्यवसाय प्रबंधन — व्यवसाय योजना, लागत प्रबंधन, विपणन और स्वरोजगार मार्गदर्शन।
संजीवनी कौशल विकास केंद्रों की प्रमुख विशेषताएँ
– पात्र महिलाओं एवं युवाओं के लिए चयनित प्रशिक्षण कार्यक्रम निःशुल्क उपलब्ध कराने की व्यवस्था।
– ₹10,000 से ₹2,00,000 तक के निर्धारित मूल्य वाले विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम।
– ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में कौशल विकास सुविधाओं का विस्तार।
– 500 से अधिक महिलाओं के जागरूक होने वाले क्षेत्रों को केंद्र स्थापना में प्राथमिकता।
– स्थानीय आवश्यकता एवं उपलब्ध संसाधनों के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रमों का चयन।
– नियमित प्रशिक्षण बैच संचालित करने की व्यवस्था।
– प्रशिक्षण के साथ स्वरोजगार एवं उद्यमिता संबंधी मार्गदर्शन।
– महिलाओं को घर-आधारित कार्य और स्थानीय रोजगार के अवसरों से जोड़ने का प्रयास।
– पात्रता एवं प्रशिक्षण की निर्धारित शर्तें पूरी करने पर प्रमाणपत्र की व्यवस्था, जहाँ संबंधित कार्यक्रम में उपलब्ध हो।
केवल प्रशिक्षण नहीं, आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत कदम
हमारा विश्वास है कि जब एक महिला कोई हुनर सीखती है, तो उसका लाभ केवल उसे ही नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार और समाज को मिलता है।
एक प्रशिक्षित महिला अपने परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने में योगदान दे सकती है। वह अपना छोटा व्यवसाय शुरू कर सकती है, अन्य महिलाओं को प्रेरित कर सकती है और अपने क्षेत्र में रोजगार एवं स्वरोजगार की नई संभावनाएँ विकसित कर सकती है।
इसी सोच के साथ संजीवनी सुगुण योजना का उद्देश्य प्रत्येक पात्र क्षेत्र में महिलाओं को संगठित करना, जागरूकता बढ़ाना और कौशल विकास के माध्यम से उन्हें आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास करना है।
हमारा संकल्प
हर क्षेत्र में जागरूकता, हर महिला के हाथ में हुनर, हर परिवार में आत्मनिर्भरता और हर समाज में समृद्धि।
संजीवनी सिलाई एवं कौशल विकास केंद्र — हुनर से रोजगार, रोजगार से आत्मनिर्भरता।
—
महत्त्वपूर्ण जानकारी: प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना, प्रशिक्षण का निःशुल्क लाभ, पात्रता, पाठ्यक्रम, बैच, प्रमाणपत्र तथा अन्य सुविधाएँ संबंधित योजना की स्वीकृत शर्तों, उपलब्ध संसाधनों एवं संचालन व्यवस्था के अधीन होंगी। 500 से अधिक महिलाओं की जागरूकता केंद्र स्थापना की प्राथमिकता का आधार है, स्वतः स्थापना की गारंटी नहीं। प्रशिक्षण का निर्धारित मूल्य संभावित पाठ्यक्रम मूल्य को दर्शाता है, नकद लाभ या सुनिश्चित रोजगार को नहीं।
"संजीवनी शगुन योजना"
पूरी जानकारी पढ़ें | Read More ▼
संजीवनी शगुन योजना
स्वस्थ महिला • सशक्त परिवार • समृद्ध समाज
एक नई पहल — हर महिला बने जागरूक, आत्मनिर्भर और सम्मानित
संजीवनी शगुन योजना — महिलाओं और परिवारों के उज्ज्वल भविष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदम
संजीवनी शगुन योजना एक व्यापक सामाजिक जागरूकता, महिला सशक्तिकरण एवं परिवार कल्याण अभियान है। इसका उद्देश्य महिलाओं को स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा एवं पारिवारिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाना तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनने के अवसर उपलब्ध कराना है।
हमारा विश्वास है कि जब एक महिला जागरूक और आत्मनिर्भर बनती है, तब केवल उसका जीवन ही नहीं, बल्कि उसका पूरा परिवार और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य भी बेहतर बनता है।
इसी उद्देश्य को लेकर संजीवनी सखियों द्वारा गाँव-गाँव, ढाणी-ढाणी, कस्बों और शहरी क्षेत्रों में महिला जागरूकता अभियान संचालित किए जाते हैं।
इन अभियानों के माध्यम से महिलाओं को उनके स्वास्थ्य, व्यक्तिगत स्वच्छता, मासिक धर्म संबंधी जागरूकता, बच्चों की शिक्षा, स्वरोजगार, कानूनी अधिकारों तथा परिवार कल्याण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की जाती है।
जागरूकता अभियान में भाग लेने वाली महिलाएँ अपनी इच्छा से संस्था से जुड़ सकती हैं। संस्था के निर्धारित नियमों के अनुसार स्वेच्छिक सहयोग करने वाली पात्र पंजीकृत महिलाओं एवं उनके परिवारों को विभिन्न कल्याणकारी सुविधाओं से जोड़ा जाता है।
—
1. महिला स्वास्थ्य एवं स्वच्छता — निःशुल्क उच्च क्वालिटी सैनिटरी पैड वितरण
स्वस्थ महिला ही स्वस्थ परिवार की आधारशिला है।
संजीवनी शगुन योजना का एक प्रमुख उद्देश्य महिलाओं एवं किशोरियों को मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता, स्वास्थ्य सुरक्षा तथा गुणवत्तापूर्ण सैनिटरी उत्पादों के उपयोग के प्रति जागरूक करना है।
योजना के अंतर्गत निर्धारित पात्रता एवं वितरण नियमों के अनुसार संस्था से जुड़ी पंजीकृत महिलाओं को लगभग ₹6,000 के निर्धारित मूल्य के उच्च गुणवत्ता वाले उच्च क्वालिटी क़े सैनिटरी पैड निःशुल्क उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
इस पहल के प्रमुख उद्देश्य हैं:
– महिलाओं को मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूक बनाना।
– गुणवत्तापूर्ण सैनिटरी पैड की उपलब्धता में सहायता करना।
– असुरक्षित स्वच्छता संबंधी आदतों से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों की जानकारी देना।
– ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं तक स्वास्थ्य जागरूकता पहुँचाना।
– महिलाओं के आत्मसम्मान, स्वास्थ्य एवं स्वच्छ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना।
विशेष जानकारी: सैनिटरी पैड का वितरण योजना के पात्र पंजीकृत लाभार्थियों को निर्धारित मात्रा, उपलब्धता एवं संस्था की वितरण नीति के अनुसार किया जाता है।
—
2. बच्चों की शिक्षा एवं उच्च शिक्षा के लिए मार्गदर्शन
हर बच्चे को मिले आगे बढ़ने का अवसर।
संजीवनी शगुन योजना के अंतर्गत पंजीकृत परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा एवं उज्ज्वल भविष्य की दिशा में मार्गदर्शन देने का उद्देश्य रखा गया है।
इसमें स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक पाठ्यक्रम तथा रोजगारोन्मुख अध्ययन के अवसरों की जानकारी उपलब्ध कराई जा सकती है।
प्रमुख सहायता:
– बच्चों की शिक्षा संबंधी मार्गदर्शन।
– उच्च शिक्षा के लिए उपलब्ध पाठ्यक्रमों की जानकारी।
– छात्रवृत्ति एवं सरकारी शैक्षणिक योजनाओं की जानकारी।
– कॉलेज, तकनीकी संस्थान एवं व्यावसायिक शिक्षा संबंधी परामर्श।
– करियर काउंसलिंग एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मार्गदर्शन।
– पात्र विद्यार्थियों को उपलब्ध शैक्षणिक सहायता कार्यक्रमों से जोड़ने का प्रयास।
हमारा उद्देश्य है कि आर्थिक परिस्थितियों या सही जानकारी के अभाव में किसी प्रतिभाशाली बच्चे की शिक्षा बाधित न हो।
—
3. निःशुल्क कौशल विकास एवं प्रशिक्षण केंद्र
सीखें • कुशल बनें • आत्मनिर्भर बनें
संजीवनी शगुन योजना के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण का एक महत्वपूर्ण भाग है — महिलाओं एवं युवाओं को व्यावहारिक कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना।
500 महिलाओं की जागरूकता पर स्थानीय प्रशिक्षण केंद्र
योजना के प्रस्तावित संचालन मॉडल के अनुसार जिस क्षेत्र में जागरूकता अभियान के माध्यम से 500 या उससे अधिक महिलाएँ स्वेच्छिक सहयोग के साथ पात्र पंजीकृत सदस्य बन जाती हैं, वहाँ आवश्यक स्वीकृति, प्रशिक्षकों, संसाधनों एवं संचालन व्यवस्था की उपलब्धता के आधार पर नियमित संजीवनी कौशल विकास केंद्र स्थापित करने का प्रावधान है।
इन केंद्रों के माध्यम से लगभग 15 प्रकार के रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण कार्यक्रम उपलब्ध कराने की योजना है।
हमारे 15 प्रमुख प्रशिक्षण कार्यक्रम
1. सिलाई एवं फैशन डिजाइनिंग
2. हैंडीक्राफ्ट एवं आर्ट एंड क्राफ्ट
3. कंप्यूटर एवं डिजिटल शिक्षा
4. ब्यूटी पार्लर एवं पर्सनल केयर
5. खाद्य प्रसंस्करण एवं पाक कला
6. घरेलू उपयोगी उत्पाद निर्माण
7. अगरबत्ती एवं मोमबत्ती निर्माण
8. कढ़ाई एवं हस्तशिल्प कार्य
9. जैविक खेती एवं नर्सरी प्रबंधन
10. ऑनलाइन कार्य एवं ई-कॉमर्स
11. रेडीमेड परिधान निर्माण
12. जूट एवं पुनर्चक्रण उत्पाद निर्माण
13. इलेक्ट्रॉनिक्स रिपेयरिंग एवं मोबाइल सर्विसिंग
14. डेयरी उत्पादन एवं पशुपालन आधारित कार्य
15. उद्यमिता विकास एवं व्यवसाय प्रबंधन
₹10,000 से ₹2,00,000 तक के मूल्य वाले प्रशिक्षण बिल्कुल निशुल्क
संस्था का लक्ष्य ऐसे चयनित कौशल विकास कार्यक्रम उपलब्ध कराना है जिनका सामान्य प्रशिक्षण मूल्य लगभग ₹10,000 से ₹2,00,000 तक हो सकता है, लेकिन पात्र लाभार्थियों को निर्धारित योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण निःशुल्क उपलब्ध कराया जाए।
प्रशिक्षण की अवधि, पाठ्यक्रम, उपलब्ध सीटें तथा केंद्र की सुविधाएँ संबंधित कार्यक्रम के अनुसार निर्धारित होंगी।
प्रशिक्षण प्रमाणपत्र
सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने वाले अभ्यर्थियों को संबंधित प्रशिक्षण संस्था या अधिकृत प्रमाणन निकाय की व्यवस्था के अनुसार प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
जहाँ लागू हो, प्रमाणपत्र की मान्यता एवं जारीकर्ता की जानकारी पहले से स्पष्ट की जाएगी, ताकि प्रशिक्षार्थी रोजगार अथवा स्वरोजगार के लिए उसका उचित उपयोग कर सकें।
—
4. रोजगार एवं स्वरोजगार सहायता
केवल प्रशिक्षण नहीं — आत्मनिर्भर बनने की दिशा में सहयोग।
संजीवनी शगुन योजना का उद्देश्य महिलाओं और युवाओं को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ उन्हें अपनी योग्यता के अनुसार रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना भी है।
इसके अंतर्गत:
– रोजगार के अवसरों की जानकारी।
– स्थानीय व्यवसायों एवं उद्योगों से संपर्क स्थापित करने में सहायता।
– स्वरोजगार शुरू करने के लिए मार्गदर्शन।
– छोटे व्यवसाय की योजना बनाने में सहयोग।
– उत्पाद निर्माण, पैकेजिंग एवं विपणन संबंधी जानकारी।
– डिजिटल प्लेटफॉर्म एवं ई-कॉमर्स के माध्यम से व्यवसाय बढ़ाने का मार्गदर्शन।
– पात्र व्यक्तियों को सरकारी स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी।
हमारा प्रयास है कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाएँ अपने कौशल को आय के अवसर में बदल सकें। रोजगार उपलब्धता एवं चयन संबंधित नियोक्ता, योग्यता और अवसरों पर निर्भर करेंगे।
—
5. परिवार के बुजुर्गों एवं स्वास्थ्य संबंधी सहायता
परिवार का स्वास्थ्य — हमारी सामाजिक प्राथमिकता।
योजना के अंतर्गत पात्र पंजीकृत परिवारों के सदस्यों, विशेष रूप से बुजुर्गों एवं जरूरतमंद व्यक्तियों को स्वास्थ्य संबंधी मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करने का भी उद्देश्य है।
इसमें शामिल हो सकते हैं:
– बुजुर्गों की स्वास्थ्य समस्याओं के लिए उचित चिकित्सा मार्गदर्शन।
– उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं एवं अस्पतालों की जानकारी।
– सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं से जुड़ने में सहायता।
– आवश्यकता के अनुसार स्वास्थ्य शिविर एवं परामर्श कार्यक्रम।
– गंभीर स्वास्थ्य परिस्थितियों में निर्धारित नियमों के अनुसार संभावित सहयोग।
स्वास्थ्य संबंधी आर्थिक सहायता, यदि स्वीकृत हो, तो पात्रता, आवश्यक दस्तावेजों, उपलब्ध सहायता निधि तथा संस्था की लागू नीति के अनुसार प्रदान की जाएगी।
—
6. कानूनी जागरूकता एवं विधिक सहायता
हर महिला को मिले अपने अधिकारों की जानकारी।
महिलाओं एवं पंजीकृत परिवारों को उनके कानूनी अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा और उपलब्ध विधिक सहायता सेवाओं के प्रति जागरूक करना भी योजना का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
इसके अंतर्गत घरेलू विवाद, पारिवारिक समस्याएँ, महिला अधिकार, संपत्ति संबंधी विवाद अथवा अन्य कानूनी समस्याओं में उचित मार्गदर्शन प्रदान करने का प्रयास किया जाएगा।
आवश्यकतानुसार पात्र व्यक्तियों को विधिक सेवा प्राधिकरण, संबंधित सरकारी विभाग अथवा योग्य अधिवक्ता से संपर्क कराने में सहायता की जा सकती है।
संस्था का उद्देश्य किसी विवाद में अनुचित हस्तक्षेप करना नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों को कानूनसम्मत सहायता एवं उचित मार्गदर्शन से जोड़ना है।
—
7. विवाह के शुभ अवसर पर संजीवनी शगुन सहयोग
हर बेटी की खुशियों में साथ — हर परिवार के सम्मान का प्रयास।
संजीवनी शगुन योजना की एक विशेष परिकल्पना है कि पात्र पंजीकृत परिवारों को उनके निकट रक्त-संबंधियों के विवाह जैसे महत्वपूर्ण पारिवारिक अवसरों पर निर्धारित नियमों के अनुसार शगुन सहयोग उपलब्ध कराया जाए।
योजना में निर्धारित संबंधों के अंतर्गत बेटी, बेटा, बहन, भांजी एवं भतीजी के विवाह जैसे अवसरों को शामिल करने का प्रस्ताव है।
शगुन सहयोग का प्रावधान
योजना की पात्रता, पंजीकरण अवधि, स्वीकृत श्रेणी, आवश्यक दस्तावेजों तथा उपलब्ध निधि के अनुसार लगभग ₹51,00 से लेकर ₹1,00,000 अथवा विशेष स्वीकृत श्रेणियों में ₹2,00,000 तक के शगुन सहयोग का प्रावधान रखा जा सकता है।
यह राशि सभी पंजीकृत परिवारों को स्वतः या समान रूप से मिलने वाली निश्चित राशि नहीं है। वास्तविक सहायता संस्था की लिखित नीति, पात्रता एवं स्वीकृति पर निर्भर होगी।
शगुन सहयोग का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को महत्वपूर्ण पारिवारिक अवसरों पर सम्मानजनक सहयोग प्रदान करना है।
—
8. संजीवनी सखियों की महत्वपूर्ण भूमिका
हर गाँव में जागरूकता — हर परिवार तक जानकारी।
संजीवनी शगुन योजना को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने में संजीवनी सखियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
संजीवनी सखियाँ अपने क्षेत्र में महिलाओं से संपर्क स्थापित करती हैं, जागरूकता बैठकें आयोजित करती हैं तथा उन्हें स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा, कौशल विकास और परिवार कल्याण संबंधी जानकारी प्रदान करती हैं।
सखियों के प्रमुख कार्य:
– महिला जागरूकता बैठकों का आयोजन।
– मासिक धर्म स्वच्छता संबंधी जानकारी देना।
– इच्छुक महिलाओं को योजना की शर्तें समझाना।
– स्वैच्छिक पंजीकरण प्रक्रिया में सहायता।
– पात्र लाभार्थियों तक सुविधाओं की जानकारी पहुँचाना।
– प्रशिक्षण केंद्रों के लिए इच्छुक महिलाओं को संगठित करना।
– परिवारों को उपलब्ध सहायता कार्यक्रमों से जोड़ना।
संजीवनी सखियाँ केवल योजना का प्रचार नहीं करतीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन की महत्वपूर्ण सहयोगी बनती हैं।
—
9. भविष्य में नई सुविधाओं का विस्तार
संजीवनी शगुन योजना एक विकसित होती सामाजिक कल्याण पहल है।
भविष्य में संस्था की क्षमता, संसाधनों, आवश्यक स्वीकृतियों एवं जनभागीदारी के आधार पर महिलाओं एवं पंजीकृत परिवारों के लिए अतिरिक्त सुविधाएँ शुरू करने की योजना है।
इनमें स्वास्थ्य जागरूकता, शिक्षा सहायता, रोजगार, उद्यमिता, डिजिटल प्रशिक्षण, सामाजिक सहयोग एवं अन्य परिवार कल्याण कार्यक्रमों का विस्तार शामिल हो सकता है।
नई सुविधाओं की पात्रता, शर्तें और उपलब्धता संबंधित कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा के अनुसार निर्धारित होंगी।
—
हमारा संकल्प
हर महिला स्वस्थ हो।
हर बेटी शिक्षित हो।
हर युवा कुशल और आत्मनिर्भर बने।
हर परिवार को सम्मान, मार्गदर्शन और आगे बढ़ने का अवसर मिले।
हर गाँव में जागरूकता पहुँचे।
हर पात्र परिवार को उपलब्ध योजनाओं से जोड़ने का प्रयास हो।
संजीवनी शगुन योजना
स्वस्थ महिला • सशक्त परिवार • समृद्ध समाज
आइए, जागरूकता और स्वैच्छिक सामाजिक सहयोग के माध्यम से एक स्वस्थ, शिक्षित, आत्मनिर्भर और खुशहाल समाज के निर्माण में सहभागी बनें।
महत्वपूर्ण सूचना: योजना में सहभागिता एवं सहयोग पूर्णतः स्वैच्छिक है। स्वैच्छिक सहयोग राशि किसी निश्चित आर्थिक लाभ की खरीद या गारंटी नहीं है। सभी सुविधाएँ संबंधित कार्यक्रम की पात्रता, स्वीकृति, संसाधनों, उपलब्धता एवं लागू लिखित नियमों के अधीन होंगी। किसी भी लाभ के लिए अंतिम निर्णय से पहले संस्था की आधिकारिक योजना शर्तें देखना आवश्यक है।
भ्रष्टाचार विरोधी एवं मानवाधिकार अभियान (Anti-Corruption & Human Rights Campaign)
“Original and with an innate understanding of their customer’s needs, the team at Love Nature are always a pleasure to work with.”
Jane Miller
ABOUT US
Tell website visitors who you are and why they should choose your business.
QUESTIONS?
Whether you’re curious about features, a free trial, or even press, we’re here to answer any questions.
“हमारी संस्था सिर्फ एक डिजिटल प्लेटफॉर्म या संगठन मात्र नहीं है; यह पिछले 30 वर्षों के सामाजिक अनुभवों, जनसेवा, कड़े संघर्ष और अटूट भरोसे की एक जीवंत यात्रा है। हमने तीन दशकों से अधिक समय तक ज़मीनी स्तर पर रहकर महिलाओं के स्वास्थ्य, बेटियों की गरिमा व भविष्य, और समाज के दबे-कुचले वर्ग के सशक्तिकरण के लिए पूरी निष्ठा से कार्य किया है।”
“हमारा संकल्प एक ऐसे समाज का निर्माण करना है जहाँ भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह न हो, हर नागरिक को उसका अधिकार मिले, और हर जरूरतमंद परिवार को समय पर संबल प्राप्त हो। ‘संजीवनी शगुन योजना’ से लेकर हमारे तमाम कल्याणकारी अभियान इसी दिशा में एक मजबूत कदम हैं। आइए, इस कारवां से जुड़कर एक सशक्त, न्यायप्रिय और आत्मनिर्भर राष्ट्र के निर्माण में अपना योगदान दें।”
— गुर्दयाल सोनी गुलशन (Gurdyal Soni Gulshan)
संस्थापक, इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स एंड एंटी करप्शन ऑर्गेनाइजेशन (IHRAACO)
“राष्ट्र निर्माण, मानवाधिकारों की रक्षा और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को न्याय दिलाना ही हमारा परम धर्म है। आज के इस दौर में जहाँ हर नागरिक को उनके मौलिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने और भ्रष्टाचार मुक्त समाज बनाने की आवश्यकता है, हमारी संस्था पूरी दृढ़ता के साथ देश सेवा में जुटी हुई है।”
”मुझे पूर्ण विश्वास है कि हमारे सभी साथी, कार्यकर्ता और पदाधिकारी इसी निष्ठा और सेवाभाव के साथ समाज में सकारात्मक बदलाव लाते रहेंगे। आइए, हम सब मिलकर एक मजबूत, पारदर्शी और सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प लें।”
— राष्ट्रीय अध्यक्ष महोदय
इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स एंड एंटी करप्शन ऑर्गेनाइजेशन (IHRAACO)